योग निद्रा कैसे करें — पूरी विधि
योग निद्रा यानी योगिक नींद की पूरी विधि जानें — लेटकर, आवाज़ का अनुसरण करते हुए शरीर और मन को गहरी शांति तक ले जाने का तरीका। Habuild के साथ गाइडेड सेशन आज़माएं।

Key Takeaways
- शवासन में लेटकर, आवाज़ का अनुसरण करते हुए शरीर को गहरी शांति में ले जाया जाता है।
- शुरुआत में एक छोटा संकल्प तीन बार मन में दोहराया जाता है।
- ध्यान शरीर के हर हिस्से में क्रम से घुमाया जाता है – इसे ‘घूर्णन’ कहा जाता है।
- सत्र आमतौर पर 20-45 मिनट का होता है, सोने से ठीक पहले नहीं।
- एक ही संकल्प कुछ हफ्तों तक दोहराना बदलने से ज़्यादा गहरा असर देता है।
- बीच में सो जाना शुरुआत में सामान्य है, बार-बार हो तो अधिक सजग समय चुनें।
योग निद्रा का अर्थ है “योगिक नींद” — यह एक गहरा विश्राम अभ्यास है जिसमें लेटकर, किसी की आवाज़ का अनुसरण करते हुए शरीर और मन को धीरे-धीरे गहरी शांति की अवस्था में ले जाया जाता है, जो जागने और सोने के बीच की स्थिति होती है। यहां हम विस्तार से बताएंगे कि योग निद्रा कैसे करें, ताकि आप घर पर भी इसे सही तरीके और सही क्रम में कर सकें।
योग निद्रा कैसे करें — घर पर पूरी विधि
How to do yoga nidra at home जानना बेहद आसान है:
- पीठ के बल आराम से लेटें (शवासन की स्थिति में), एक पतला तकिया सिर के नीचे और घुटनों के नीचे रख सकते हैं ताकि पीठ को आराम मिले। हाथ-पैर शरीर से थोड़ी दूरी पर, ढीले छोड़ दें, हथेलियां ऊपर की ओर खुली रहें।
- आंखें बंद करें और एक छोटा सा संकल्प (इरादा) मन में दोहराएं — जैसे “मैं शांत और स्वस्थ हूं” या कोई भी सरल, सकारात्मक वाक्य जो आपके लिए मायने रखता हो। इसे तीन बार मन में दोहराएं।
- किसी निर्देशित रिकॉर्डिंग की आवाज़ का अनुसरण करें, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों की ओर आपका ध्यान ले जाएगी — आमतौर पर दाएं हाथ के अंगूठे से शुरू होकर, उंगलियों, हथेली, बांह, कंधे से होते हुए पूरे शरीर में घूमते हुए। इसे “शरीर के प्रति जागरूकता का घूर्णन” कहा जाता है, और यही योग निद्रा का सबसे मुख्य हिस्सा है।
- पूरी प्रक्रिया के दौरान जागते रहें, पर पूरी तरह शिथिल रहें — यह जागने और सोने के बीच की वह पतली रेखा है जिसे साधने में शुरुआत में थोड़ा अभ्यास लगता है।
- अंत में धीरे-धीरे आंखें खोलें, कुछ पल करवट लेकर लेटें, फिर धीरे से उठें।
इन पांच चरणों में ही योग निद्रा कैसे करें, इसका पूरा सार समाया हुआ है। पूरा सत्र आमतौर पर लेटकर, बिना हिले-डुले, पूरी तरह गाइडेड आवाज़ पर निर्भर होकर किया जाता है — यही बात इसे सामान्य निर्देशित मेडिटेशन से अलग बनाती है।
योग निद्रा में होने वाली आम गलतियां
योग निद्रा कैसे करें, यह जानने के साथ-साथ यह जानना भी ज़रूरी है कि कौन सी आम गलतियां असर को कम कर देती हैं। सबसे आम गलती है बीच में सो जाना और पूरा अभ्यास छूट जाना — शुरुआती दिनों में यह सामान्य है, पर अगर बार-बार हो रहा हो तो दिन के किसी अधिक सजग समय पर अभ्यास करें, न कि रात को सोने से ठीक पहले या बहुत थके होने पर। दूसरी गलती है संकल्प को बार-बार बदलना — एक ही संकल्प को कम से कम कुछ हफ्तों तक दोहराने से उसका असर ज़्यादा गहरा होता है, हर बार नया संकल्प चुनने से मन को कोई स्थिरता नहीं मिलती। तीसरी गलती है शरीर को हिलाना या असहज महसूस होने पर बीच में उठ जाना — हल्की सी बेचैनी या पैर सुन्न होना सामान्य है, इसे नज़रअंदाज़ करके अभ्यास जारी रखना ही सही तरीका है।
शुरुआती लोगों के लिए योग निद्रा कैसे करें
How to perform yoga nidra शुरुआती लोगों के लिए हमेशा किसी निर्देशित रिकॉर्डिंग के साथ सीखना बेहतर है, क्योंकि इसका क्रम और समय मायने रखता है। एक सत्र आमतौर पर 20 से 45 मिनट का होता है और सोने से ठीक पहले नहीं, बल्कि दिन में किसी शांत समय करना बेहतर रहता है, जब तक कि आपका लक्ष्य सीधे नींद लेना ही न हो। शुरुआती लोगों के लिए योग निद्रा कैसे करें, इसका सबसे सरल तरीका है — पहले कुछ हफ्तों तक हर बार एक ही रिकॉर्डिंग सुनना, ताकि क्रम याद हो जाए और मन बिना किसी अनिश्चितता के आराम कर सके।
योग निद्रा के फायदे
सही तरीके से योग निद्रा कैसे करें, यह समझ लेने के बाद इसके फायदे भी उतने ही स्पष्ट हो जाते हैं। यह अभ्यास गहरे तनाव को कम करने, शरीर की थकान दूर करने और मन को शांत करने में बेहद असरदार माना जाता है। कई लोग इसे नींद की समस्या में भी सहायक पाते हैं, हालांकि यह किसी गंभीर नींद संबंधी बीमारी का इलाज नहीं है। एक 30-40 मिनट की योग निद्रा को अक्सर कुछ घंटों की गहरी नींद के बराबर आराम देने वाला बताया जाता है, हालांकि यह नींद की जगह नहीं लेती — यह शरीर और मन को गहराई से विश्राम देने का एक अलग तरीका है।
योग निद्रा और सामान्य नींद में अंतर
योग निद्रा कैसे करें, यह समझने के साथ-साथ यह भी समझना ज़रूरी है कि यह सामान्य नींद से किस तरह अलग है। योग निद्रा नींद जैसी लगती है, पर तकनीकी रूप से अलग है। सामान्य नींद में मन पूरी तरह अचेत हो जाता है, जबकि योग निद्रा में मन एक हल्की सजगता बनाए रखता है — आप निर्देशों को सुनते और समझते रहते हैं, भले ही शरीर पूरी तरह शिथिल हो चुका हो। यही कारण है कि इसे “जागते हुए सोना” कहा जाता है। इसीलिए योग निद्रा को दिन के बीच में, काम के बोझ के बाद ऊर्जा वापस पाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है, जबकि सामान्य नींद रात के पूरे विश्राम चक्र के लिए ज़रूरी होती है — दोनों एक-दूसरे की जगह नहीं ले सकते।
अंग्रेज़ी में विस्तृत गाइड के लिए Yoga Nidra for Beginners देखें।


